Wednesday, August 7, 2013

यह लम्हा भी युही गुजर जायेगा...

यह लम्हा भी युही गुजर जायेगा
साथ बस यादें दे जायेगा
इस भागती डोडती भीढ में
इस दुनिया संसार में
सोचा करती हु क्या खोया क्या पाया,
सब कुछ तो सिर्फ मोह है माया है...
फिर भी यह लम्हा युही गुजर गया

कुछ बचपन की यादें है
कुछ बचपन की दोस्ती है
कुछ ने आज भी थामे है हाथ
कुछ के छुट गए साथ
पर वो लम्हा भी युही गुजर गया

ना जाने उन यादों के साथ
थामे कुछ दोस्तों  के हाथ
बढ़ गए हम नए सफ़र की और
कब हुए बड़े, कब बन गए समझधर
ना जानते है, ना जान सकते है
बस कुछ खट्टी मीठी यादों के साथ
वो लम्हे भी युही गुजर ही गया

नए सफ़र की तलाश में
नयी उमंग की उड़ान में
नए है कुछ सपने मेरे
नहीं जानती होंगे कभी वो पुरे
पर बहुत कुछ है दिल में मेरे
येही करती हु में आशा होंगे सपने मेरे भी एक दिन पुरे
कुछ अच्छी कुछ बुरी यादें दे जायेंगे  मुझे
और इसी तरह यह लम्हे भी युही गुजर जायेंगे..
वो लम्हे भी युही गुजर जायेंगे....

Written By:- Kratika Gour

Saturday, July 20, 2013

Shayari....

हर गुजरते हुए लम्हों के साथ 
कुछ चाहे उन्चाहे निशान छोड़ देती हु
कुछ मुठी में समेट लेती हु 
कुछ कांच की तरह भिखेर देती हु
कुछ पानी में लिखे नाम की तरह मिटा देती हु.

कृतिका गौड़