Wednesday, November 30, 2011

साथ छोड़ जाते है


















जब एक ख्वाब टूट जाता है, तो दिल से आवाज आती है.....

"दिल के टूटने की आवाज नहीं होती जनाब,
दिल तो बस टूट कर बिखर जाता है,
जाने अनजाने ही सही, साथ छुट सा जाता है.....

कसमे वादे वफ़ा सब भूल कर,
एक शख्स हमे बेगाना कर जाता है,
जाने अनजाने ही सही, साथ छुट सा जाता है.....

चाहत को हमारी युही रुसवा कर,
वो एक पल मैं हमे तन्हा कर जाता है,
जाने अनजाने ही सही, साथ छुट सा जाता है.....

साथ चलने का वादा कर के,
बीच राह मैं हाथ छोड़ जाता है,
कुछ रिश्ते जाने अनजाने ही सही,
साथ छोड़ जाते है.....
साथ छोड़ जाते है....."

1 comment:

  1. कुछ रिश्ते जाने अनजाने ही सही,
    साथ छोड़ जाते है.....

    dil se nikli hui kavita
    full of feelings & meaningful too
    bahut achchha likhti ho kratika
    bas heere ko thoda sa tarashne ki zarurat hai :)
    dushyant

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